रविवार, 27 मार्च 2011

बेटी की जिद ने किया पिता का सपना पूरा


बेटी की जिद ने किया पिता का सपना पूरा
दीपशिखा बनी जिले की पहली महिला आईएफएस


जिले का सांबल गांव अब किसी परिचय का मोहताज नहीं रह गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कौलसिंह ठाकुर के बाद यहां की दीपशिखा ने आईएफएस परीक्षा पास कर जिले की पहली महिला आईएफएस होने का गौरव प्राप्त किया है। हालांकि उसके पिता बेटी के सपने को पूरा होते दिखने से पहले ही दुनियां से चले गए लेकिन बेटी की जिद ने पिता के सपने को पूरा कर दिखाया। तीन साल पहले उसके पिता की मौत भी उसे लक्ष्य से नहीं डिगा पाई। अपने तीसरे प्रयास में इस परीक्षा को पास करने वाली इस लडक़ी ने बचपन से ही आईएफएस बनने की हसरत पाल रखी थी।
ग्रामीण परिवेश में पली- बढ़ी दीपशिखा उन लड़कियों के लिए मिसाल है जो अपने करियर को लेकर संजीदा है। जिला मंडी के सांबल गांव की निवासी २४ वर्षीय दीपशिखा ने डीएफओ बन कर अपने स्व. पिता के सपने को साकार कर दिया। अपने मां-बाप, चचेरे भाई आरओ पद पर तैनात योगिंद्र शर्मा, गाईड एनके गुप्ता और कैंपस में अपने मित्रगणों को अपनी सफलता का श्रेय देती है। बचपन से ही पढऩे में अव्वल रही दीपशिखा ने अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत की, और आगे भी इस पद पर तैनात होने के बाद कड़े परिश्रम और ईमानदारी तथा समर्पित भाव से जनता की सेवा करना चाहती है। पिता की इच्छा थी बेटी को आईएफएस बनाना अपनी बेटी को ऑफिसर बनते देख तो नहीं सके पर उनकी आत्मा को सुकून जरूर मिला होगा। 2007 में उनके पिता की मौत हो गई लेकिन वह इससे भी निराश कभी नहीं हुई। कभी हार न मानने वाली दीपशिखा ने पहले एसीएफ की परीक्षा भी पास की थी मगर सपना आईएफएस बनने का था। योजनाबद्घ तरीके से ६ से ८ घंटे पढ़ाई करना, समाचार पत्रों में द हिंदू समाचार पत्र, मैग्जीनस क्रोनिक्रल और योजना, टीवी चैनल एनडीटीवी, डीडी न्यूज चैनल आदि पर गहरी नजर रखी। आईएफएस बनने की खास वजह सबसे पहले लोगों को जंगल से जोडऩा और जंगल को लोगों से जोडऩा तथा इसकी पॉलसी के बारे में और कानून के बारे में बताना जानना चाहती है। अगर जंगल लोगों के लिए हंै तो लोगों की भी उतनी ही भागीदारी उनको सुरक्षित रखने में है ये सब जनता को बताने की जरूरत है। पंचायत प्रधान रणवीर सिंह ने बताया कि उन्हें अपनी लाडली पर नाज है। पंचायत उन्हें सम्मानित करेगी।

1 टिप्पणी :

  1. भारत माँ व् मंडी भूमि के आशावादी उस पिता जी की इस होनहार बेटी को मेरी याणी की संजय राणा की बहुत बहुत बधाई,
    www.krantikarideshsevak.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं