गुरुवार, 19 जनवरी 2012

कीरतपुर- नेरचौक फोर लेन

2356 करोड़ की लागत से फोरनेल बनेगा 84 किलामीटर नेशनल हाईवे 21
कीरतपुर- नेरचौक फोर लेन
केबिनेट कमेटी ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर ने बिल्ड- ऑपरेट- ट्रांसफर के आधार दी मंजूरी

नेशनल हाईवे 21 पर कीरतपुर से मंडी के नेरचौक कस्बे तक फोरलेन बनाने को केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है। वीरवार को केंद्रीय केबिनेट कमेटी ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर ने 84.380 किलोमीटर लंबे रोड़ को बिल्ट - ऑप्रेटर- ट्रांसफर सिस्टम के आधार पर मंजूरी प्रदान कर दी है। पंजाब के कीरतपुर और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर और मंडी जिलों में से होकर निकलने वाले इस फोरलेन के निर्माण पर 2356.20 करोड़ की लागत आएगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने पर जहां सफर आसान होगा, वहीं पैसे और समय की भी बचत होगी। प्रदेश की इस महत्वपूर्ण परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही इसका क्षेय लेने की होड़ भी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री दावा करते हैं कि इस परियोजना के लिए सरकार ने भू अधिग्रहणा का अनापति प्रमाणपत्र तक केंद्रीय परिवहन एवं भतल मंत्रालय को दे दिया है। उधर केदं्रीय मंत्री एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कहना है कि केंद्र की केबिनेट कमेटी ऑन इक् नोमिक्स ने नेशनल हाईवे डपलपमेंट प्रोगाम के तहत अप्रूव किया था। उसव वक्त प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।
भू अधिग्रहण के लिए 537 करोड़
कीरतपुर- नेरचौक फोर के लिए जमीन के भू अधिग्रहण के लिए 537.37 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। यह राशि फोरनेल के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा, प्रभावित होने वालें लोगों के विस्थापन पर खर्च, पुनर्वास के कार्यों के ऊपर खर्च और निर्माण से पूर्व की तमाम औपचारिकताओं पर खर्च होगी।
ट्रकों की कतारों में मिलेगी निजात
चंडीगढ़ - दिल्ली के बाद कीरतपुर- मनाली हाईवे पर हर दिन सबसे ज्यादा वाहनों की आवाजाही होती है। बरमाणा में एसीसी सीमेंट कारखाना होने की वजह से हजारों ट्रक भी इसी रोड़ से रोजाना सीमेंट ढोने का काम करते हैं। इस रोड़ पर जाम लगना आम बाद है और जाम में पर्यटकों को घंटों फंसे रहने को मजबूर होना पड़ता है। ट्रकों की लंबी कतारों के पीछे रूक रूक कर चलने को मजबूर होने वाले पर्यटकों को अब निजात मिलने वाली है।
राजधानी से लेह के लिए अहम लिंक
सामरिक दृष्टि से अहम लेह के लिए राजधानी दिल्ली से यह अहम लिंक है। इीसी बीच देश का नंबर वन हिल स्टेशन मनाली आता है। कीरतपुर तक पहले ही फोरलेन हो चुका है। अब नेरचौक तक 84 किलोमीटर के ओर फोरलेन होने से सफर शानदार और सुहाना हो जाएगा। यह प्रोजेकट स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा। कुल्लू - मंडी से दिल्ली की फ्रूट मंडी तक उत्पाद पहुंचाना भी आसान होगा।

प्रदेश सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समयअवधि में पूरा करने के लिए भू अधिग्रहण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र तक केंद्रीय यातायात एवं भूतल परिवहन मंत्रालय को प्रदान कर दिया है।

गुलाब सिंह ठाकुर, पीडब्ल्यूडी मंत्री हिमाचल प्रदेश।

प्रदेश की पूर्व कांग्रेस सरकार के समय केंद्र की यूपीए सरकार की केबिनेट कमेटी ऑन इकोनोमिक्स ने 2005 में ही इस रोड़ को फारलेन करने की अप्रूवल नेशनल हाईवे डवलपमेंट प्रोग्राम के तहत दी थी।

वीरभद्र सिंह, केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री ।

1 टिप्पणी :

  1. बृहस्पतिवार, 19 जनवरी 2012 को आप के माध्यम से हमें पत्ता चला की किरतपुर - नेरचौक फोर लेन बनेगा, कृपया कर ये भी बताएं कि काम कब से शुरू हो रहा है, क्या कोई टेंडर भी निकला है फिर सभी बातें हवा हो गई .....

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